पहाड़ी माइक ब्यूरो: उत्तराखंड में सर्दी 2025–26 इस बार बेहद खास रहने वाली है, क्योंकि IMD का अनुमान है कि दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक ठंड सामान्य से ज्यादा होगी। इसका सीधा मतलब है कि औली, चोपता, मसूरी, धनौल्टी और ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में शानदार बर्फबारी देखने को मिलेगी। अगर आप इस विंटर में उत्तराखंड घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए जरूरी जानकारी लेकर आया है—बर्फबारी का समय, टॉप जगहें और सुरक्षित यात्रा टिप्स।
Highlights
- IMD के अनुसार दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच भारत में सर्दी सामान्य से ज्यादा ठंडी रहने की संभावना।
- उत्तराखंड में बर्फबारी का पीक सीजन दिसंबर—फरवरी, जिसमें जनवरी सबसे ठंडा महीना होता है।
- औली, चोपता, तुंगनाथ, केदारनाथ के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की पूरी उम्मीद।
- मौसम बिगड़ने पर सड़कें, ट्रेक रूट और रोपवे बंद हो सकते हैं—यात्रा से पहले IMD अपडेट देखें।
- लोअर हिल स्टेशन—नैनीताल, मसूरी, मुक्तेश्वर—में समय-समय पर हल्की बर्फबारी की भी संभावना।
भारत में सर्दी 2025–26: कैसा रहेगा मौसम ?
भारत में 2025–26 की सर्दी इस बार ज्यादा ठंडी रहने वाली है। मौसम विभाग (IMD) की मौसमी भविष्यवाणी के मुताबिक, उत्तर भारत में ठंड की लहरें (Cold Waves) अधिक दिनों तक चल सकती हैं। इसका सीधा असर हिमालयी राज्यों—जैसे उत्तराखंड—पर पड़ेगा, जहाँ तापमान सामान्य से भी नीचे जा सकता है।
IMD की यह भविष्यवाणी बताती है कि जब उत्तर भारत में लगातार कड़क ठंड रहती है, तब हिमालयी ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की गतिविधि बढ़ जाती है। यानी दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 का समय उत्तराखंड में बर्फबारी के लिए बेहतरीन रहने वाला है।
उत्तराखंड में बर्फबारी कब होती है? (प्राकृतिक पैटर्न)

उत्तराखंड में बर्फबारी का मुख्य सीजन हर साल दिसंबर से फरवरी होता है। इस बार तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे बर्फबारी की संभावना बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिससे लगातार कई दिनों तक बर्फबारी हो सकती है। ऊँचे इलाकों में सड़कें और ट्रेक रूट समय-समय पर बंद भी हो सकते हैं।
- दिसंबर: शुरुआती बर्फबारी, ऊँचे इलाकों में जमा होना शुरू
- जनवरी: सबसे भारी बर्फबारी—अधिकतम ठंड और सबसे सुंदर दृश्यों का महीना
- फरवरी: लगातार हल्की-मध्यम बर्फबारी, ट्रेकिंग और स्कीइंग के लिए आदर्श
- मार्च: ऊँचे पर्वतों में ही बर्फ टिकती है, नीचे पिघलना शुरू
इस बार IMD के संकेत बताते हैं कि जनवरी 2026 में सबसे अधिक और लगातार बर्फबारी हो सकती है।
दिसंबर 2025 – फरवरी 2026: इस बार क्या खास होगा?
- सर्दी औसत से ज्यादा ठंडी रहेगी
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के सक्रिय होने की संभावना
- ऊँचे क्षेत्रों में सड़कें 24–72 घंटे तक बंद रह सकती हैं
- ट्रेकिंग रूट जैसे तुंगनाथ और चंद्रशिला में भारी बर्फ की संभावना
- नए साल और जनवरी के दूसरे सप्ताह में सबसे अच्छे स्नो-स्पॉट देखने को मिलेंगे
उत्तराखंड में बर्फबारी देखने की टॉप जगहें –

1. औली (Auli)
औली भारत का सबसे लोकप्रिय स्की डेस्टिनेशन है, जहाँ जनवरी–फरवरी में बेहतरीन बर्फ पड़ती है। चेयरलिफ्ट और सफेद ढलानों के कारण यह फोटोग्राफी और स्नो स्पोर्ट्स के लिए सबसे अच्छा स्थान है।
- भारत का सबसे फेमस स्की डेस्टिनेशन
- नवंबर के अंत से बर्फ, जनवरी–फरवरी में पीक
- चेयरलिफ्ट और स्कीइंग अनुभव इसे खास बनाते हैं
2. चोपता – तुंगनाथ – चंद्रशिला
मिनी स्विट्जरलैंड कहलाने वाला यह इलाका जनवरी में पूरी तरह बर्फ की चादर से ढक जाता है। बर्फीले रास्तों के बीच ट्रेकिंग का अनुभव यात्रियों के लिए रोमांचक और यादगार होता है।
- “मिनी स्विट्जरलैंड”
- जनवरी में 2–3 फीट तक बर्फ जमा रहती है
- ट्रेकिंग एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नंबर 1 विकल्प
3. केदारनाथ के ऊपरी क्षेत्र
सर्दियों में मंदिर बंद रहता है, लेकिन आसपास की चोटियाँ भारी बर्फ से ढकी रहती हैं। यह जगह स्नो ट्रेक और विंटर फोटोग्राफी के लिए शानदार मानी जाती है।
- मंदिर बंद रहता है लेकिन बेस कैंप और आसपास के पहाड़ों में भारी बर्फ
- फोटोग्राफी और स्नो ट्रेकिंग के लिए बेहतरीन
4. मसूरी – धनौल्टी – कनाताल
लोअर हिल स्टेशन होने के बावजूद मसूरी, धनौल्टी और कनाताल में दिसंबर–जनवरी के दौरान हल्की से मध्यम बर्फबारी देखने को मिल सकती है। परिवारों के लिए यह आसान और सुरक्षित विकल्प रहता है।
- लोअर हिल स्टेशन में कभी-कभार बर्फबारी
- दिसंबर–जनवरी में मौका अच्छा रहता है
- परिवारों के लिए आसान और सुरक्षित विकल्प
5. नैनीताल – मुक्तेश्वर – रानीखेत
इन जगहों पर कभी-कभी हल्की बर्फबारी होती है, जो सर्दियों का अनुभव और भी खास बनाती है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह और जनवरी के पहले 10 दिन सबसे अच्छे माने जाते हैं।
- साल में 1–2 बार हल्की बर्फ का मौका
- दिसंबर के आखिरी सप्ताह से जनवरी का पहला सप्ताह बेहतर
यात्रा से पहले क्या तैयारियाँ करें ?
बर्फबारी वाले मौसम में यात्रा से पहले IMD Dehradun की अपडेट्स ज़रूर देखें। थर्मल कपड़े, वाटरप्रूफ जैकेट और स्नो-ग्रिप जूते साथ रखें। यदि कार से जा रहे हों तो स्नो चेन, फॉग लाइट और फुल टैंक रखना ज़रूरी है।
✔ IMD Dehradun अपडेट रोज़ देखें – रोड ब्लॉक, भारी बर्फबारी अलर्ट
✔ फ्लेक्सिबल होटल बुकिंग चुनें – मौसम बिगड़ने पर शेड्यूल बदल सकता है
✔ कपड़े:
- थर्मल सेट
- वाटरप्रूफ जैकेट
- ग्लव्स, कैप, वूलन सॉक्स
- ट्रेकिंग शूज़ / एंटी-स्लिप सोल
✔ गाड़ी से यात्रा: - स्नो चेन
- फॉग लाइट
- फुल टैंक
✔ इमरजेंसी नंबर: - स्थानीय पुलिस, SDRF, जिला कंट्रोल रूम
✔ मेडिकल: - कोल्ड-फ्लू मेड्स
- ORS
- हाइट-सिकनेस मेडिसिन (ऊँचे क्षेत्रों के लिए)
ध्यान देने योग्य सुरक्षा बातें
भारी बर्फबारी में अनावश्यक यात्रा करने से बचें और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानें। स्लिपरी सड़कों पर गाड़ी धीमी गति में चलाएँ और शॉर्टकट या अनजान रास्तों से दूर रहें। ट्रेकिंग केवल गाइड की सलाह पर ही करें।
- भारी बर्फबारी में ट्रेकिंग न करें
- गूगल मैप पर भरोसा न करें—लोकल गाइड की सुनें
- पहाड़ों में रात 7 बजे के बाद अनावश्यक यात्रा न करें
- स्लिपरी सड़कों पर स्पीड कम रखें
- ऑफ-रोड या अनजान शॉर्ट-कट से बचें
बर्फ में बेहतरीन फोटो कैसे लें?
सुबह का समय बर्फ पर सबसे खूबसूरत रोशनी देता है, इसलिए गोल्डन आवर में शूट करें। कैमरा/फोन की बैटरी ठंड में जल्दी खत्म होती है, इसलिए उसे गर्म रखें। स्नो ग्लेयर से बचने के लिए सनग्लासेस पहनना जरूरी है।
- सुबह 7–10 बजे “Golden Hour” सबसे परफेक्ट
- फोन/कैमरा बैटरी को गर्म जेब में रखें
- फ्रेम में पेड़, आसमान और स्नो का कॉन्ट्रास्ट रखें
- सनग्लासेस ज़रूर पहनें—Snow Glare से बचाता है
सर्दी का स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
बर्फबारी का सीजन उत्तराखंड की लोकल इकोनॉमी के लिए बड़ा सहारा होता है। होटल, टैक्सी, होमस्टे और गाइड्स की आमदनी बढ़ती है। लेकिन बढ़ती भीड़ के साथ कूड़ा और ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ती है, इसलिए जिम्मेदार पर्यटन अपनाना जरूरी है।
- होमस्टे, होटल, टैक्सी, गाइड—सभी की कमाई बढ़ती है
- लेकिन भारी भीड़ सड़क जाम और कूड़े की समस्या भी लाती है
- जिम्मेदार पर्यटन अपनाएँ—कूड़ा वापस लेकर आएँ, लोकल सेवाएँ चुनें
निष्कर्ष (Conclusion)
दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक उत्तराखंड में इस बार जबर्दस्त और लगातार बर्फबारी होने की संभावना है। औली, चोपता, तुंगनाथ, केदारनाथ के ऊपरी क्षेत्रों और लोअर हिल स्टेशनों में भी कई जगह बर्फ देखने को मिलने की उम्मीद है।
यदि आप आने वाले सर्दियों में उत्तराखंड घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम विभाग के अपडेट देखते रहें, सुरक्षित यात्रा करें और पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता का सम्मान करें।
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