भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माता Omega Seiki Mobility ने हाल ही में देश का पहला स्वचालित (सेल्फ ड्राइविंग) इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा “स्वायमगति” लॉन्च किया है। यह दुनिया में उत्पादन-तैयार पहला ऑटोनॉमस इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन है, जो भारतीय शहरों और कस्बों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
स्वायमगति (Swayamgati) EV Auto क्या है?
Swayamgati EV Auto भारत का पहला स्वचालित (Autonomous) इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन है, जिसे Omega Seiki Mobility (OSM) ने विकसित किया है। यह ऑटो बिना चालक के, तय मार्गों पर चल सकता है। इसमें LiDAR सेंसर, GPS, और AI सिस्टम लगे हैं जो इसे ट्रैफिक और अवरोधों से बचने में मदद करते हैं। यह खास तौर पर एयरपोर्ट, यूनिवर्सिटी कैंपस, इंडस्ट्रियल एरिया और स्मार्ट सिटी जैसे नियंत्रित वातावरण में चलाने के लिए बनाया गया है।
स्वायमगति इलेक्ट्रिक ऑटो के मुख्य फीचर और कीमत
- मूल्य: पैसेंजर वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹4 लाख, जबकि माल ढुलाई वेरिएंट ₹4.15 लाख (एक्स-शोरूम) है।
- बैटरी और रेंज: 10.3 kWh की बैटरी से लैस, एक बार चार्ज में लगभग 120 किलोमीटर की रेंज प्रदान करता है।
- प्रौद्योगिकी:
- LiDAR और GPS तकनीक
- AI आधारित ऑब्स्टेकल डिटेक्शन (सात मीटर तक)
- मल्टी-सेंसर नेविगेशन
- रिमोट सेफ्टी कंट्रोल
- परीक्षण: पहले चरण (Phase 1) में 3 किमी मार्ग के साथ 7 स्टॉप्स पर सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया गया है।
यह वाहन स्वायमगति को विशेष रूप से छोटे और मध्यम शहरों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल पार्क, और बड़े शैक्षिक कैंपस जैसे सीमित और नियंत्रित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाता है
भारतीय सड़कों के लिए विशेष रूप से डिजाइन

स्वायमगति को भारत की सड़कों और ट्रैफिक की विशेष स्थितियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यहाँ के:
- घनी आबादी वाले इलाकों में धीमी गति वाली ट्रैफिक की चुनौतियाँ
- अनियमित सड़कें और विविध भौगोलिक परिस्थितियाँ
- आर्थिक रूप से किफायती लागत पर उन्नत तकनीक की आवश्यकता
इन सबका ध्यान रखते हुए यह ऑटोनॉमस तीनपहिया वाहन तैयार किया गया है, जो न केवल पर्यावरण हितैषी है बल्कि ऑपरेशन की लागत को भी कम करता है
स्वायमगति के फायदे
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| सुलभता और किफायती मूल्य | महज ₹4 लाख की कीमत में उन्नत तकनीक |
| पर्यावरण सुरक्षा | शून्य उत्सर्जन, पूरी तरह इलेक्ट्रिक |
| सुरक्षा | AI-ड्रिवन रियल-टाइम ऑब्जेक्ट डिटेक्शन और नियंत्रण |
| आसान संचालन | बिना ड्राइवर के निर्बाध संचालन, खासतौर पर नियंत्रित क्षेत्र में |
| स्मार्ट शहरों के लिए अनुकूल | एयरपोर्ट, टेक्नोलॉजी पार्क, इंडस्ट्रियल हब्स में संचालन |
क्यों है स्वायमगति का महत्व?
- सुलभता: ₹4 लाख में उपलब्ध आधुनिक ऑटोनॉमस तकनीक
- पर्यावरण संरक्षण: 100% इलेक्ट्रिक वाहन, शहरी प्रदूषण कम करने में मददगार
- सुरक्षा और दक्षता: AI-आधारित नेविगेशन और ऑब्स्टेकल डिटेक्शन से सड़कों पर बेहतर सुरक्षा
इस वाहन के माध्यम से भारत न केवल वैश्विक मोबिलिटी उद्योग में प्रतिस्पर्धा करेगा, बल्कि ग्रामीण एवं छोटे शहरों में भी किफायती स्वचालित परिवहन को बढ़ावा देगा
भारत में ऑटोनॉमस मोबिलिटी का भविष्य
Omega Seiki Mobility की यह पहल भारत में स्वचालित वाहनों के क्षेत्र में बड़ी छलांग है। देश में शहरी भीड़भाड़ और अंतिम मील की ट्रांजिट की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्वायमगति जैसे वाहन सुरक्षित, किफायती और प्रभावी समाधान पेश करते हैं।
सरकार और उद्योग के बड़े खिलाड़ी भी ऑटोनॉमस वाहनों को लेकर सक्रिय हैं, अक्टूबर 2025 से दिल्ली, बेंगलुरु, और मुंबई में ड्राइवर रहित टैक्सी सेवाओं के चरणबद्ध परिचालन की योजना है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार पूर्णतः स्वतंत्र ड्राइविंग (Level 5 autonomy) वाले वाहन आम लोगों तक आने में अभी कई साल लग सकते हैं, क्योंकि इसके लिए सड़क सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और नियमों में और सुधार आवश्यक है।
देश में दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में ऑटोनॉमस टैक्सियों के परिचालन की भी योजना है, जिससे अगले 10-15 सालों में भारत में पूरी तरह से संचालित सेल्फ ड्राइविंग वाहन आम हो सकते हैं। हालांकि अभी भी रोड इंफ्रास्ट्रक्चर और नियमों के परिप्रेक्ष्य में चुनौतियां हैं, लेकिन स्वायमगति इस दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है।
आगे का रास्ता
- अगले 24 महीनों में 1500 स्वायमगति वाहनों का उत्पादन और वितरण
- विस्तृत ऑटोनॉमस बस और टैक्सी सेवाओं के लिए भारतीय बाजार की तैयारी
- स्मार्ट शहरों और संस्थागत परिसरों में इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस वाहनों का विस्तार
स्वायमगति परियोजना दर्शाती है कि भारत नवाचार और पर्यावरण संरक्षण दोनों में अग्रणी बन सकता है, जिससे देश का भविष्य स्मार्ट और हरित परिवहन से उज्जवल होगा।
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स्वयामगति EV Auto और आम इलेक्ट्रिक ऑटो में क्या फर्क है?
| तुलना बिंदु | सामान्य इलेक्ट्रिक ऑटो | Swayamgati EV Auto |
|---|---|---|
| चालक की आवश्यकता | हाँ | नहीं (निर्धारित मार्ग पर) |
| संचालन लागत | ड्राइवर + चार्जिंग | केवल चार्जिंग + निगरानी |
| उपयोग क्षमता | सीमित | लगातार निर्धारित रूट पर |
| सुरक्षा | मानव-त्रुटि संभव | सेंसर आधारित नियंत्रण |
| शुरुआती लागत | कम | थोड़ा अधिक |
| तकनीक | बेसिक मोटर और बैटरी | AI, LiDAR, GPS, Remote System |
निष्कर्ष
Swayamgati EV Auto सिर्फ एक ऑटो नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। ओमेगा सीकी मोबिलिटी ने यह साबित किया है कि भारत स्वदेशी तकनीक से भी विश्व स्तर की नवाचार क्षमता रखता है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक हमारे शहरों और परिवहन को पूरी तरह बदल सकती है।
Swayamgati EV Auto क्या है?
Swayamgati EV Auto भारत का पहला स्वचालित (Autonomous) इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन है, जिसे Omega Seiki Mobility (OSM) ने विकसित किया है। यह ऑटो बिना चालक के, तय मार्गों पर चल सकता है। इसमें LiDAR सेंसर, GPS, और AI सिस्टम लगे हैं जो इसे ट्रैफिक और अवरोधों से बचने में मदद करते हैं। यह खास तौर पर एयरपोर्ट, यूनिवर्सिटी कैंपस, इंडस्ट्रियल एरिया और स्मार्ट सिटी जैसे नियंत्रित वातावरण में चलाने के लिए बनाया गया है।
Swayamgati EV Auto की कीमत कितनी है?
इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹4 लाख है।
पैसेंजर वेरिएंट की कीमत ₹4 लाख के आसपास है।
कार्गो (लोडिंग) वेरिएंट की कीमत करीब ₹4.15 लाख तक हो सकती है।
OSM का कहना है कि कंपनी इसे जल्द ही कॉमर्शियल उपयोग के लिए लॉन्च करेगी।
Swayamgati की रेंज और बैटरी परफॉर्मेंस क्या है?
एक बार फुल चार्ज होने पर Swayamgati EV Auto लगभग 120 किलोमीटर तक चल सकता है।
इसमें उन्नत लिथियम-आयन बैटरी पैक लगा है जो फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। बैटरी को 3–4 घंटे में पूरा चार्ज किया जा सकता है।
क्या Swayamgati पूरी तरह से ड्राइवरलेस है?
Swayamgati अभी सेमी-ऑटोनॉमस यानी आंशिक रूप से स्वचालित है।
यह सिर्फ मैप किए गए रूट पर ही बिना ड्राइवर के चल सकता है। अगर इसे ओपन रोड या भीड़-भाड़ वाले इलाके में इस्तेमाल करना हो तो मैनुअल मोड में स्विच किया जा सकता है।
Swayamgati EV Auto कहां-कहां चलाया जाएगा?
पहले चरण में इसे उन जगहों पर लॉन्च किया जाएगा जहां ट्रैफिक नियंत्रित रहता है, जैसे कि:
एयरपोर्ट टर्मिनल्स
यूनिवर्सिटी और कॉर्पोरेट कैंपस
इंडस्ट्रियल पार्क
स्मार्ट सिटी और मॉल परिसर
टेक्नोलॉजी जोन
इन क्षेत्रों में यह बिना ड्राइवर के सुरक्षित रूप से यात्रियों या माल को पहुंचाने का काम करेगा।
इसमें कौन-कौन सी नई तकनीकें इस्तेमाल की गई हैं?
Swayamgati को भारत में ही डिज़ाइन और निर्मित किया गया है, और इसमें शामिल हैं:
LiDAR सेंसर: दूरी और बाधाओं की पहचान के लिए।
GPS + Mapping सिस्टम: तय मार्गों पर सही दिशा में चलने के लिए।
AI और मशीन लर्निंग: रास्ता तय करने और टकराव से बचने के लिए।
Remote Control System: किसी आपात स्थिति में मैन्युअल नियंत्रण के लिए।
Electric Drivetrain & BMS: बैटरी और मोटर की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए।
स्वयामगति उत्पादन कहां हो रहा है?
OSM के मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हरियाणा के फरीदाबाद में हैं।
इसके अलावा कंपनी का एक बड़ा असेंबली प्लांट चाकन (पुणे) में और एक इंटरनेशनल यूनिट दुबई (JAFZA) में भी है।
कंपनी पूरे भारत में 200+ सर्विस सेंटर खोलने की योजना पर काम कर रही है।






