नीरज चोपड़ा: भारतीय सेना के मानद लेफ्टिनेंट कर्नल और भारत के गौरव

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भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा एक बार फिर देश का नाम ऊँचा कर चुके हैं। अब उन्हें भारतीय सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल (Honorary Lieutenant Colonel) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें प्रदान किया, जो उनके खेल और राष्ट्रीय योगदान के लिए एक प्रतीक है।

सोचिए, एक छोटे से गाँव का लड़का — जो कभी खेतों में दौड़ते हुए भाला फेंकता था — आज भारतीय सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल बन चुका है।यह सिर्फ नीरज चोपड़ा की कहानी नहीं है, बल्कि उस भारत की कहानी है जहाँ मेहनत और अनुशासन से सपनों को वास्तविकता में बदला जा सकता है।ओलिंपिक गोल्ड मेडल से लेकर अब सेना के इस सम्मान तक, नीरज ने बार-बार यह साबित किया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमाएँ सिर्फ नक्शे में होती हैं।उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि उस देश की जीत है जो हर चुनौती के बाद और मजबूत होकर उठता है। 🇮🇳

नीरज चोपड़ा को मिला मानद लेफ्टिनेंट कर्नल का पद

भारतीय थल सेना ने 22 अक्टूबर 2025 को घोषणा की कि ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को Honorary Lieutenant Colonel के पद से सम्मानित किया गया है।यह पद उन्हें भारतीय खेलों में असाधारण योगदान, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के लिए दिया गया है।

रक्षा मंत्री ने कहा —“नीरज चोपड़ा सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारत की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। उनके समर्पण ने तिरंगे को कई बार विश्व मंच पर लहराया है।”

नीरज चोपड़ा के प्रमुख पुरस्कार और सम्मान

वर्षपुरस्कार / सम्मानविवरण
2025मानद लेफ्टिनेंट कर्नलभारतीय थल सेना द्वारा प्रदान किया गया
2021राजीव गांधी खेल रत्न (अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न)खेल क्षेत्र का सर्वोच्च पुरस्कार
2018अर्जुन पुरस्कारउत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए
2022पद्म श्री (चर्चा में)भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक
2023वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप गोल्डभारत का पहला स्वर्ण
2020-21ओलिंपिक गोल्ड मेडल (टोक्यो)भारत का पहला एथलेटिक्स गोल्ड मेडल

नीरज चोपड़ा के मेडल्स की सूची

प्रतियोगितावर्षपदक
ओलिंपिक (टोक्यो)2021 स्वर्ण
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप, बुडापेस्ट2023 स्वर्ण
एशियन गेम्स (हांगझोउ)2023 स्वर्ण
कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट)2018 स्वर्ण
एशियन गेम्स (जकार्ता)2018 स्वर्ण
वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप (पोलैंड)2016स्वर्ण (जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड 86.48m)

नीरज चोपड़ा का प्रारंभिक जीवन और करियर

नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के खंडरा गांव (पानीपत) में हुआ। बचपन से ही उन्हें खेलों में दिलचस्पी थी, लेकिन जैवलिन थ्रो ने उनकी जिंदगी की दिशा तय की।2016 में उन्होंने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा और यहीं से भारत के लिए ओलिंपिक स्वर्ण की कहानी शुरू हुई।

2021 में टोक्यो ओलिंपिक में उन्होंने 87.58 मीटर का थ्रो फेंककर देश का पहला एथलेटिक्स गोल्ड जीता — वह पल भारत के इतिहास में अमर हो गया।

नीरज की सेना से जुड़ाव

नीरज चोपड़ा
neeraj chopra

नीरज ने 2016 में भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स में नैब सूबेदार के रूप में जॉइन किया था।

भारतीय सेना ने हमेशा उनके प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए विशेष सुविधा दी, ताकि वह विश्व स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।अब उन्हें उसी सेना ने मानद अधिकारी के रूप में सम्मानित किया है — जो उनके अनुशासन और समर्पण की पहचान है।

नीरज चोपड़ा का संदेश

सम्मान मिलने के बाद नीरज ने कहा —

“भारतीय सेना का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है। यह पद मेरे लिए प्रेरणा है कि मैं देश का नाम और ऊँचा कर सकूँ।”

निष्कर्ष

नीरज चोपड़ा आज सिर्फ एक एथलीट नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की प्रेरणा हैं।उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और अनुशासन से हर सपना साकार किया जा सकता है।भारतीय सेना में मिला मानद लेफ्टिनेंट कर्नल का पद उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण है

नीरज चोपड़ा की कहानी हमें याद दिलाती है कि “देशभक्ति” सिर्फ शब्दों में नहीं, कर्मों में दिखाई देती है।जब एक खिलाड़ी, एक सैनिक, और एक इंसान के रूप में नीरज तिरंगा ऊँचा करते हैं — तो यह उस सोच की जीत है जो कहती है, “भारत बदल रहा है, और यह बदलाव युवाओं के कंधों पर लिखा जा रहा है।”यह सम्मान सिर्फ नीरज का नहीं, बल्कि हर उस भारतीय का है जो सपना देखने और उसे सच करने की हिम्मत रखता है।

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