उत्तराखंड स्थापना दिवस 2025 पर पहुंचे पीएम मोदी, किया 8 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ

Modi in Uttarakhand

रिपोर्ट: पहाड़ी माइक टीम, देहरादून | 9 नवंबर 2025. देवभूमि उत्तराखंड ने आज अपने 25वें स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे और राज्य को 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) के ऐतिहासिक मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उत्तराखंड के विकास की नई दिशा तय करने का संकल्प दोहराया।

देवभूमि की उपलब्धियों पर गर्व जताया प्रधानमंत्री ने

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा —

“जो लोग कभी उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे, वे आज इस धरती की प्रगति देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं। उत्तराखंड आज देश की आध्यात्मिक धड़कन बन चुका है।”

उन्होंने कहा कि अब अगले 25 साल यानी वर्ष 2047 तक, जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, तब तक उत्तराखंड भी ‘विकसित राज्य’ के रूप में पूरी तरह तैयार होगा।

8,000 करोड़ की परियोजनाओं से नई उड़ान

प्रधानमंत्री ने देहरादून में कई प्रमुख योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जिनमें शामिल हैं —

  • जमराानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना (नैनीताल): पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन का बड़ा स्रोत बनेगा।
  • सोंग डैम पेयजल परियोजना (देहरादून): शहर को हर दिन 150 एमएलडी पानी की आपूर्ति होगी।
  • महिला खेल कॉलेज, चंपावत और एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, हल्द्वानी
  • सौर ऊर्जा संयंत्र, नई विद्युत उपकेंद्र परियोजनाएँ और कौशल विकास केंद्र

साथ ही, प्रधानमंत्री ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 62 करोड़ रुपये सीधे 28,000 किसानों के खातों में स्थानांतरित किए।

उत्तराखंड: आध्यात्मिकता से विकास की ओर

मोदी ने कहा कि उत्तराखंड केवल पर्यटन की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और वेलनेस टूरिज्म की भूमि है। उन्होंने चारधाम यात्रा, हर्बल खेती, योग-वेलनेस सेंटर और होमस्टे जैसी योजनाओं को राज्य की “नई अर्थव्यवस्था” का केंद्र बताया।

उन्होंने जोर दिया कि पहाड़ की मिट्टी से ही आने वाले वर्षों में भारत का स्वास्थ्य और अध्यात्म मजबूत होगा।

‘डबल इंजन सरकार’ का संदेश

पीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर ‘डबल इंजन सरकार’ के रूप में उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज राज्य का बजट 4 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

“पहाड़ अब पलायन नहीं, प्रगति की पहचान बनेगा।” — नरेंद्र मोदी

कड़ी सुरक्षा और जनता का उत्साह

कार्यक्रम स्थल FRI में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हजारों की भीड़ प्रधानमंत्री को सुनने के लिए उमड़ी। देहरादून, ऋषिकेश, पौड़ी, टिहरी और चंपावत से लोगों ने झंडे और पारंपरिक वाद्य लेकर स्वागत किया। पूरा माहौल ‘जय देवभूमि उत्तराखंड’ के नारों से गूंज उठा।

25 साल की यात्रा और आगे की राह

2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बने इस राज्य ने 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। अब सरकार अगले 25 वर्षों का ‘उत्तराखंड विज़न रोडमैप’ तैयार कर रही है, जिसमें स्थायी विकास, पहाड़ी कृषि, और युवाओं को स्थानीय रोजगार प्राथमिकता में रहेंगे।

पहाड़ी माइक सार

उत्तराखंड का संघर्ष सिर्फ एक राज्य बनने का नहीं था, बल्कि एक पहचान बचाने का था। आज जब प्रधानमंत्री स्वयं देवभूमि की धरती पर विकास का संकल्प दोहरा रहे हैं, तब उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले 25 सालों में यह पर्वतीय राज्य न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ‘ग्लोबल स्पिरिचुअल हब’ बनकर उभरेगा।

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