देहरादून और उत्तराखंड में भूमि की कीमतों में वृद्धि: नए सर्किल रेट 2025

देहरादून नए सर्किल रेट 2025

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में सर्किल रेट्स (Circle Rates) में बड़े पैमाने पर संशोधन किया है। इसके परिणामस्वरूप देहरादून और उसके आसपास की जमीन की कीमतों में तेज उछाल आया है। सरल शब्दों में, अब जो जमीन पहले सस्ती लगती थी, वह अब अधिक दाम पर बिकेगी — और रजिस्ट्री, स्टाम्प शुल्क, प्रॉपर्टी टैक्स आदि पर भी असर पड़ेगा।

देहरादून और उत्तराखंड में भूमि की कीमतों में वृद्धि: नए सर्किल रेट 2025

6 अक्टूबर 2025 से लागू हुए देहरादून नए सर्किल रेट 2025 और उत्तराखंड के अन्य जिलों में भूमि की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कदम भूमि की वास्तविक बाजार कीमतों के अनुरूप सर्किल रेट तय करने और बढ़ती मांग और निर्माण गतिविधियों के आधार पर उठाया गया है। इस कदम के पीछे मकसद यही है कि रियल एस्टेट लेन-देन में पारदर्शिता बढ़े और सरकारी राजस्व भी सुनिश्चित हो।

मुख्य बिंदु

  • सर्किल रेट में वृद्धि: उत्तराखंड सरकार ने 6 अक्टूबर 2025 से सर्किल रेट में 9% से 22% तक की वृद्धि की है, जिससे औसतन 15% की बढ़ोतरी हुई है।
  • देहरादून में प्रभाव: देहरादून के प्रमुख क्षेत्रों में सर्किल रेट में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जैसे घंटाघर से आरटीओ कार्यालय तक की भूमि दर ₹62,000 से बढ़कर ₹68,000 प्रति वर्गमीटर हो गई है।
  • प्रमुख सड़कें प्रभावित: प्रमुख सड़कों के पास स्थित भूमि की दरों में अधिक वृद्धि हुई है, जैसे राजपुर रोड, थानो रोड, और शिमला बाईपास रोड।
  • वृद्धि का कारण: यह वृद्धि निर्माण गतिविधियों में वृद्धि और भूमि की बढ़ती मांग के कारण की गई है, जिससे सरकारी राजस्व में भी वृद्धि की उम्मीद है।
  • उत्तराखंड के अन्य जिलों में वृद्धि: हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी, पौड़ी गढ़वाल आदि में भी भूमि दरें 8% से 20% तक बढ़ी
  • नए रेट लागू: नए सर्किल रेट 6 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो गए हैं, और अब रजिस्ट्री के समय अधिक स्टांप शुल्क देना होगा।

सर्किल रेट (Circle Rate) क्या है?

“सर्किल रेट” वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर कोई जमीन या प्रॉपर्टी स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्री के लिए पंजीकृत हो सकती है। यह सरकार द्वारा निर्धारित होती है ताकि अंडर-रिपोर्टिंग (कम कीमत दिखाकर टैक्स बचाना) रोका जा सके।
इसमें निम्न कारक महत्वपूर्ण होते हैं:

  • जमीन का प्रकार (आवासीय, वाणिज्यिक, कृषि)
  • स्थान (मुख्य सड़क के पास, दूर वाले इलाकों में)
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्धता
  • इलाके की मांग व विकास गतिविधियाँ

उत्तराखंड में जमीन की कीमतों में वृद्धि: नए सर्किल रेट के प्रभाव

उत्तराखंड में 6 अक्टूबर 2025 से लागू किए गए नए सर्किल रेट के कारण जमीन की कीमतों में औसतन 15% की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि राज्य सरकार द्वारा भूमि की वास्तविक बाजार कीमतों के अनुरूप सर्किल रेट निर्धारित करने के उद्देश्य से की गई है।

उत्तराखंड के अन्य जिलों में सर्किल रेट बढ़ोतरी

देहरादून नए सर्किल रेट 2025
  • हरिद्वार: औसत भूमि दरों में 10%-15% वृद्धि
  • ऋषिकेश: भूमि दरों में 12%-18% वृद्धि
  • मसूरी: 8%-20% की वृद्धि, विशेषकर मुख्य मार्गों पर
  • पौड़ी गढ़वाल: 9%-17% की बढ़ोतरी

प्रमुख सड़कों के पास भूमि की बढ़ी कीमतें

प्रमुख सड़कों के पास स्थित भूमि की दरों में अधिक वृद्धि हुई है, क्योंकि इन क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों में वृद्धि और भूमि की मांग अधिक है। उदाहरण के लिए, राजपुर रोड और थानो रोड जैसे प्रमुख मार्गों के पास स्थित भूमि की दरों में 9% से 22% तक की वृद्धि हुई है।

नए सर्किल रेट से क्या बदलाव हुआ?

उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में 9% से 22% तक की वृद्धि की है।
देहरादून में विशेष रूप से:

  • राजपुर रोड पर दरें 62,000 से बढ़कर 68,000 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर हो गईं (मुख्य रोड के 50 मीटर अंदर).
  • RTO से मूसूरी बायपास तक की ज़मीन 55,000 से लेकर 60,000 रुपये/मीटर पर आ गई।
  • अन्य इलाकों जैसे बालूपुर चोक, EC Road, सबहाश रोड, आदि में भी दरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

इसका मतलब है कि अब प्रॉपर्टी खरीदना पहले से महँगा हो गया है—न कि सिर्फ जमीन, बल्कि रजिस्ट्री और स्टाम्प ड्यूटी पर भी बोझ बढ़ा है।

देहरादून सर्किल रेट 2025 की पूरी सूची (₹ प्रति वर्ग मीटर)

क्षेत्रपुराना रेटनया रेटबढ़ोतरी (%)
राजपुर रोड (घंटाघर से RTO)62,00068,0009%
RTO से मसूरी बाईपास55,00060,0009%
ईसी रोड50,00055,00010%
बल्लूपुर चौक48,00054,00012%
चकराता रोड45,00050,00011%
क्लेमेंट टाउन32,00036,00012%
सहसपुर20,00024,00020%
मोथरोवाला18,00022,00022%
नथुवावाला17,00020,00018%
प्रेमनगर30,00033,00010%
पटेलनगर42,00046,0009%
रायपुर रोड38,00042,00011%
डालनवाला48,00053,00010%
नेहरू कॉलोनी35,00039,00011%

वृद्धि का कारण

यह वृद्धि राज्य सरकार द्वारा भूमि की वास्तविक बाजार कीमतों के अनुरूप सर्किल रेट निर्धारित करने के उद्देश्य से की गई है। इसके अलावा, निर्माण गतिविधियों में वृद्धि और भूमि की बढ़ती मांग ने भी सर्किल रेट में वृद्धि को प्रेरित किया है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में नए सर्किल रेट के लागू होने से भूमि की कीमतों में वृद्धि हुई है, जो राज्य सरकार की भूमि की वास्तविक बाजार कीमतों के अनुरूप सर्किल रेट निर्धारित करने की नीति का हिस्सा है। यह वृद्धि निर्माण गतिविधियों में वृद्धि और भूमि की बढ़ती मांग के कारण हुई है। भूमि खरीदने या बेचने की योजना बना रहे व्यक्तियों को नए सर्किल रेट के बारे में जानकारी रखना आवश्यक है, ताकि वे रजिस्ट्री के समय उचित स्टांप शुल्क का भुगतान कर सकें।

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सर्किल रेट क्या है?

सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य है, जिस पर भूमि या संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। यह दर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है।

नए सर्किल रेट के लागू होने से भूमि खरीदने पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

देहरादून नए सर्किल रेट 2025 के लागू होने से भूमि की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे रजिस्ट्री के समय अधिक स्टांप शुल्क देना होगा।

सर्किल रेट में वृद्धि का कारण क्या है?

सर्किल रेट में वृद्धि का मुख्य कारण निर्माण गतिविधियों में वृद्धि और भूमि की बढ़ती मांग है।

क्या सर्किल रेट में वृद्धि से भूमि की बिक्री पर कोई प्रभाव पड़ेगा?

हां, सर्किल रेट में वृद्धि से भूमि की बिक्री की लागत बढ़ सकती है, जिससे खरीदारों और विक्रेताओं दोनों पर प्रभाव पड़ेगा।

देहरादून में नए सर्किल रेट कितने हैं?

देहरादून में 6 अक्टूबर 2025 से नए सर्किल रेट लागू किए गए हैं। उदाहरण के लिए:
घंटाघर से आरटीओ कार्यालय: ₹68,000/वर्गमीटर
आरटीओ कार्यालय से मसूरी बाईपास: ₹60,000/वर्गमीटर
घंटाघर से बल्लूपुर: ₹55,000/वर्गमीटर
शिमला बाईपास रोड: ₹22,000/वर्गमीटर
यह रेट क्षेत्र और सड़क के महत्व के अनुसार अलग-अलग हैं।

उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी सर्किल रेट बढ़ा है क्या?

हाँ, देहरादून के अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी सर्किल रेट में वृद्धि हुई है। जैसे:
हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और पौड़ी गढ़वाल जैसे प्रमुख जिलों में भूमि दरें 8% से 20% तक बढ़ीं।
यह वृद्धि राज्य सरकार द्वारा भूमि की वास्तविक बाजार कीमतों के अनुरूप सर्किल रेट तय करने और निर्माण गतिविधियों व मांग के आधार पर की गई है।

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