इंदिरा गांधी पुण्यतिथि Indira Gandhi Death Anniversary 2025: राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस

इंदिरा गांधी पुण्यतिथि indira gandhi death aniversery

31 अक्टूबर, 2025 को भारत के इतिहास में इंदिरा गांधी की 41वीं पुण्यतिथि है और इसी दिन राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) भी मनाया जाता है। इस दिन ‘आयरन लेडी’ की हत्या ने पूरे राष्ट्र को झकझोर दिया था—और उससे मिली सीख आज भी देश की सुरक्षा नीति और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव है।

इंदिरा गांधी की हत्या: घटना, कारण और प्रभाव

31 अक्टूबर, 1984 की सुबह, नई दिल्ली के सफदरजंग रोड स्थित उनके आवास पर इंदिरा गांधी की उनके ही सिख अंगरक्षकों, बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना सुबह 9:30 बजे घटी और इसने पूरे देश को सन्न कर दिया।
इससे पहले, 1984 की गर्मियों में, इंदिरा गांधी के आदेश पर ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ (Operation Blue Star) के तहत सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) में छिपे सिख अलगाववादियों को पकड़ने का अभियान चलाया था। इस ऑपरेशन में कई निर्दोष तीर्थयात्रियों की मौत हुई और मंदिर परिसर को भारी नुकसान पहुँचा।
ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद सिख समुदाय में गहरा आक्रोश था। इसी आक्रोश के नतीजे में दो सिख अंगरक्षकों ने इंदिरा गांधी की हत्या कर दी, जिसने देश में सिख विरोधी दंगों की आग को और हवा दी।

क्या था ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ (Operation Blue Star) ?

इंदिरा गांधी
operation blue star

ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास का वह निर्णायक और विवादित सैन्य अभियान था, जिसे 1 जून से 8 जून 1984 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर अंजाम दिया गया। इसका उद्देश्य पंजाब में खालिस्तान समर्थक उग्रवाद और चरमपंथ को खत्म करना था, विशेषकर अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों को बाहर निकालना, जहां जर्नेल सिंह भिंडरावाले और उसके समर्थकों ने भारी हथियारों के साथ कब्जा जमा लिया था। इस ऑपरेशन के दौरान सेना ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया और भारी गोलीबारी हुई। कई निर्दोष नागरिक, सुरक्षा बलों के जवान और उग्रवादी मारे गए। सबसे बड़ी त्रासदी यह रही कि सिखों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थल पर सैन्य कार्रवाई ने पूरे देश और दुनिया भर के सिख समुदाय को गहराई से आहत किया और इससे व्यापक असंतोष, विरोध और हिंसा भड़क उठी। ऑपरेशन ब्लू स्टार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा गया, लेकिन इसकी मानवीय और धार्मिक संवेदनाओं पर पड़े प्रभाव आज भी चर्चा और बहस का विषय बने हुए हैं। यही तनाव अंततः उस वर्ष बाद में इंदिरा गांधी की हत्या और उसके बाद हुए भीषण दंगों का कारण भी बना, जिसने भारतीय लोकतंत्र को फिर से एक कठिन परीक्षा में डाल दिया।

इंदिरा गांधी का योगदान और विरासत

इंदिरा-गांधी

इंदिरा गांधी का भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव रहा है। उनके कुछ प्रमुख फैसले और उपलब्धियां हैं:

  1. 1971 का भारत-पाक युद्ध: बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में भारत की निर्णायक भूमिका और पाकिस्तान पर विजय।
  2. हरित क्रांति: कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए शुरू की गई पहल, जिससे देश खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना।
  3. ऑपरेशन ब्लू स्टार: स्वर्ण मंदिर परिसर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए चलाया गया सैन्य अभियान, जो एक अत्यधिक विवादास्पद फैसला साबित हुआ।
  4. आपातकाल (1975-77): देश में आंतरिक अशांति के कारण लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के काले दौर के रूप में याद किया जाता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है?

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाने की शुरुआत 2014 में भारत सरकार द्वारा की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य है:

  • देश की अखंडता और एकता के लिए इंदिरा गांधी के अटूट संकल्प और बलिदान को याद करना।
  • देशवासियों, विशेषकर युवाओं, में राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना।
  • “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विचार को आगे बढ़ाना।

इस दिन देश भर में ‘रन फॉर यूनिटी‘ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि लोगों को एक सूत्र में बांधा जा सके।

आतंकवाद विरोधी दिवस से क्या है कनेक्शन?

यह एक आम भ्रम है कि इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है। वास्तविकता यह है:

  • आतंकवाद विरोधी दिवस (Anti-Terrorism Day) भारत में हर साल 21 मई को मनाया जाता है।
  • इसकी शुरुआत 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी (इंदिरा गांधी के पुत्र) की हत्या की बरसी पर की गई थी, जिसकी 21 मई 1991 को एक आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी।
  • 21 मई को आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाने और लोगों, खासकर युवाओं, को इसके दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने के लिए मनाया जाता है।

तथ्यों की तालिका:

विवरणइंदिरा गांधी पुण्यतिथिआतंकवाद विरोधी दिवस
तारीख31 अक्टूबर21 मई
दिवस का नामराष्ट्रीय एकता दिवसआतंकवाद विरोधी दिवस
याद किया जाता हैइंदिरा गांधी के बलिदान के लिएराजीव गांधी के बलिदान और आतंकवाद के विरोध के लिए
उद्देश्यराष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देनाआतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाना

निष्कर्ष

31 अक्टूबर का दिन भारत के इतिहास में एक जटिल भावनात्मक महत्व रखता है। यह दिन एक ताकतवर नेता के अचानक और त्रासदीपूर्ण अंत का प्रतीक है, साथ ही यह राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति हमारे संकल्प को दोहराने का दिन भी है। यह याद रखना जरूरी है कि यह दिन आतंकवाद विरोधी दिवस नहीं है, बल्कि एक ऐसा दिन है जो हमें देश के लिए दिए गए बलिदानों को याद दिलाता है और भविष्य में एकजुट रहने की प्रेरणा देता है।

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Anti-Terrorism Day कब मनाया जाता है?

हर साल 21 मई को।

Indira Gandhi की मौत के बाद भारतीय सुरक्षा नीतियों में क्या बदलाव आये?

सुरक्षा-नीतियों में उच्च सतर्कता, खुफिया नेटवर्क का मजबूत होना, और कानून-व्यवस्था के तंत्र का संवर्धन।

इंदिरा गांधी का प्रसिद्ध कथन क्या है?

आप बन्दूक से फूल नहीं खिला सकते।

इंदिरा गांधी का परिवार कौन-कौन है?

पुत्र: राजीव गांधी, संजय गांधी
बहू: सोनिया गांधी
पोते-पोती: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी

ऑपरेशन ब्लू स्टार क्या था?

यह 1984 में स्वर्ण मंदिर से खालिस्तानी आतंकियों को हटाने के लिए किया गया सैन्य अभियान था।

इंदिरा गांधी के प्रमुख कार्य क्या थे?

बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में विजय
हरित क्रांति
बैंकों का राष्ट्रीयकरण
पोखरण परमाणु परीक्षण

इंदिरा गांधी भारत की कितनीवीं प्रधानमंत्री थीं?

वह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री और देश की तीसरी प्रधानमंत्री थीं।

31 अक्टूबर को भारत में किस दिवस के रूप में भी मनाया जाता है?

इस दिन को राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस (Anti-Terrorism Day) भी मनाया जाता है।

इंदिरा गांधी की मौत कैसे हुई थी?

31 अक्टूबर 1984 को उनकी सुरक्षा कर्मियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।


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