कण्डीसौड़: थौलधार विकास खंड (टिहरी, उत्तराखंड) की क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकासात्मक और प्रशासनिक मुद्दों को उठाया। बैठक में विधुत, लोक निर्माण, पेयजल, आंगनबाड़ी, पशुपालन, सड़क, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। कई समस्याओं का जवाब देते हुए अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गांव की संसद: थौलधार BDC
ग्रामीण विकास सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर होने वाली BDC (ब्लॉक विकास समिति) बैठकों से तय होता है, जहाँ गांव की सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की वास्तविक प्रगति पर चर्चा होती है। यह गांव की संसद जैसा मंच है, जहाँ चुने हुए जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक-साथ बैठकर जनता की समस्याएँ सुनते हैं और उनके समाधान पर निर्णय लेते हैं। इसी बैठक में यह भी साफ़ दिखता है कि कौन-सा जनप्रतिनिधि वास्तव में जागरूक है और अपने क्षेत्र की समस्याओं को अधिकारियों के सामने मजबूती से रखता है। यह सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सिस्टम को जवाबदेह बनाने की प्रक्रिया है, जहाँ ग्रामीणों की आवाज़ सीधे प्रशासन तक पहुँचती है। अगर लिए गए निर्णयों को ईमानदारी से लागू किया जाए, तो पहाड़ के विकास की रफ़्तार कई गुना बढ़ सकती है।
सुनील जुयाल ने विकास माँगों का रखा मजबूत एजेंडा

जिला पंचायत सदस्य सुनील प्रसाद जुयाल ने स्वास्थ्य केंद्र कण्डीसौड़ में महीने में दो दिन अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने, कण्डीसौड़ में लोक निर्माण, विद्युत, पीएमजीएसवाई, जल निगम व भू-संरक्षण विभाग के उप-कार्यालय स्थापित करने और स्थाई तहसीलदार नियुक्त करने की मांग की। साथ ही डण्डी–खड़कली, कन्स्यूड़–बंगियाल, कोटी–मंजकोट सड़कों के निर्माण व प्राथमिक विधालय इडियान और प्राथमिक विद्यालय गैर गुसाईं विद्यालयों की मरम्मत का प्रस्ताव रखा। उनके सुझावों को बैठक में सराहा गया और कई प्रस्तावों पर तुरंत कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।
धरवालगांव की प्रधान ने झील प्रभावित गांवों की समस्या उठाई
धरवालगांव ग्राम प्रधान सुमेरी बिष्ट ने कहा कि टिहरी झील प्रभावित गांव जैसे स्यांसू, सुनारगांव, धरवालगांव और जसपुर की भूमि बार-बार अधिग्रहित की जा रही है। उन्होंने चारधाम ऑलवेदर रोड और प्रस्तावित रेलवे लाइन के चलते पुनः सर्वे और विस्थापन पात्रता प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
इस पर नायब तहसीलदार धर्मवीर प्रकाश ने कहा कि रेलवे सर्वे शुरू होते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दिव्यांग व विधवा पेंशन जारी रखने का मुद्दा
जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह रागड़ ने समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली दिव्यांग और विधवा पेंशन को बच्चों के बालिग होने की स्थिति में भी जारी रखने का प्रस्ताव सदन में रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि कई लाभार्थियों को बच्चों के बालिग होने पर पेंशन से वंचित होना पड़ता है। इस पर सहायक समाज कल्याण अधिकारी आंचल बेदवाल ने बताया कि अब नए शासनादेश के अनुसार यदि लाभार्थी पात्र है तो बच्चों के बालिग हो जाने के बाद भी पेंशन जारी रहेगी।
कौशल गांव में बिजली की तारें जमीन पर, तुरंत समाधान के निर्देश
क्षेत्र पंचायत सदस्य महावीर सेनवाल और गोपाल सिंह चौहान ने बैठक में बताया कि कौशल गांव में बिजली की तारें जमीन पर पड़ी हुई हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने इस समस्या की तस्वीरें भी विभागीय अधिकारियों को दिखाईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
पशुपालन सेवाएँ मजबूत करने की मांग
पशुपालन सेवाओं की कमी पर गैर (नगुण) के प्रधान प्रकाश बनाली ने रिक्त पद भरने की मांग की। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वी.के. तोमर ने जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया और कहा कि वर्तमान कर्मचारियों से अधिकतम सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।
सहकारी समिति पर ब्याज वसूली की शिकायत
बैठक में बगोन के ग्राम प्रधान बेल सिंह चौहान ने सहकारी समिति लालूरी पर आरोप लगाया कि काश्तकारों को सालभर के लिए दिए जाने वाले ऋण पर चार माह में ही ब्याज वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह किसानों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डाल रहा है। इस पर सहकारिता विभाग के अपर सहायक चंद्र मणि रमोला ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों से बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार, एक वर्ष के बाद ही ब्याज लगाने का प्रावधान है और यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसे सुधारा जाएगा।
कौडू गांवों में पुराने ट्रांसफार्मर बदलने की मांग पर नाराज़ हुईं सीडीओ
दडमाली ग्राम प्रधान सब्बल सिंह रावत ने बताया कि कौडू बड़ा और कौडू छोटा गांवों में 15 साल पुराने सिंगल फेज ट्रांसफार्मर अब अपर्याप्त हैं। इस पर सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने विद्युत विभाग को फटकार लगाते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों का समाधान तुरंत किया जाए।
खतरनाक तारबंदी पर जांच के आदेश
ज्यूदांशू ग्राम प्रधान यशपाल सिंह रावत ने बताया कि सुलियाधार-हड़गी मोटर मार्ग एफ-16 पर एक बाहरी व्यक्ति द्वारा की गई खतरनाक तारबंदी से स्कूली बच्चों और पशुओं को खतरा है।
सीडीओ ने लोक निर्माण विभाग को मौके की जांच करने के निर्देश दिए।
घस्यारी योजना पर महत्वपूर्ण मुद्दे उठे
बैठक में बेरगणी के प्रधान युद्धवीर सिंह रावत ने पर्वतीय क्षेत्रों की घस्यारी बहनों के लिए सुरक्षा कवच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि घस्यारी योजना के तहत चारापत्ती के लिए पहाड़ों पर रोज जाने वाली महिलाओं का सरकार की ओर से बीमा करवाया जाना चाहिए और इसके लिए सदन से प्रस्ताव भेजने की आवश्यकता है।
वहीं कंडीसौड़ ग्राम प्रधान सुमन सिंह गुसाईं ने सहकारिता विभाग द्वारा घस्यारी योजना के तहत समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे पशु चारे की खराब गुणवत्ता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को दिए जाने वाले चारे की गुणवत्ता सुधारने के लिए त्वरित कदम उठाए जाने चाहिए।
एएनएम सेंटर बंद रहने की शिकायत
रामगांव के प्रधान महेंद्र नेगी ने बैठक के दौरान गांव के एएनएम केंद्र के अक्सर बंद रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि केंद्र बंद रहने के कारण टीकाकरण सेवाएँ बाधित होती हैं, जिससे महिलाओं को शिशुओं के साथ इधर-उधर भटकना पड़ता है। इस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छाम के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मन्यक रमोला ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जाएगी, ताकि गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कैन्छू के प्रधान भगवान सिंह महर ने कमान्द अस्पताल के उच्चीकरण की मांग की।
मोटर मार्ग डामरीकरण की मांग
बरवालगांव के प्रधान जगमोहन चौहान ने बैठक में रत्नोगाढ़–थौलधार मोटर मार्ग के डामरीकरण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस पर संबंधित विभागीय अधिकारी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही आवश्यक कार्यवाही कर सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।
हर ग्राम पंचायत को ‘मॉडल ग्राम’ बनाने की प्रेरणा

अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी मुस्तफा खान ने पंचायतों से जुड़ी जानकारी साझा की और कहा कि हर प्रधान अपने गांव को मॉडल ग्राम पंचायत और डिजिटल ग्राम पंचायत बना सकता है।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित खंडूड़ी, खंड विकास अधिकारी स्नेह नेगी, बीईओ हिमांशु श्रीवास्तव, सहित सभी पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किया सीडीओ का स्वागत
बैठक से पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित खंडूड़ी और खंड विकास अधिकारी सुश्री स्नेह नेगी सहित अन्य अधिकारियों ने सीडीओ वरुणा अग्रवाल का विकास खंड मुख्यालय पहुंचने पर बुके भेंट कर स्वागत किया।
जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जवाबदेही आवश्यक
सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने गाँव और क्षेत्र की समस्याओं को बीडीसी बैठक में रखकर अपनी सजगता और जिम्मेदारी का परिचय दिया। अब आवश्यकता है कि उच्च अधिकारी और विभागीय पदाधिकारी इन मुद्दों का जल्द से जल्द समाधान करें। हालांकि कुछ प्रतिनिधि ऐसे भी रहे जिन्होंने बैठक में भाग तो लिया, लेकिन कोई प्रश्न या समस्या नहीं उठाई। ऐसे जनप्रतिनिधियों के लिए यह समझना जरूरी है कि बीडीसी जैसी महत्वपूर्ण बैठक में, जहां अधिकारी और विभाग एक साथ मौजूद होते हैं, वहाँ अपने क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से रखना चाहिए। जनता ने उन्हें इसी उद्देश्य से प्रतिनिधित्व दिया है, इसलिए उन्हें अपने गाँव की हर समस्या को सामने लाकर उसके समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए।
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इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी मुस्तफा खान, खंड विकास अधिकारी सुश्री स्नेह नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव, ज्येष्ठ उप-प्रमुख सुनीता राणा, कनिष्ठ उप-प्रमुख बिनीता बनाली, जिला पंचायत सदस्य सुनील प्रसाद जुयाल, राजेंद्र रांगड़, विनोद कुमार सहित क्षेत्र के प्रधानगण, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






