ICC महिला विश्व कप 2025 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक मुकाबला। ऑस्ट्रेलिया ने 331 रनों का सफल पीछा कर महिला वनडे क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाया। एलिसा हीली के शानदार शतक ने रचा इतिहास।
एक ऐसा मुकाबला जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया (IND-w vs Aus-w)
विशाखापट्टनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में 12 अक्टूबर 2025 का दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए कभी न भूलने वाला दिन साबित हुआ। स्टेडियम में मौजूद हर प्रशंसक की सांसें थमी हुई थीं, जब ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने अपना बल्ला घुमाते हुए एक के बाद एक चौके लगाए। यह वह दृश्य था जिसने महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। मैच से पहले का वातावरण काफी रोमांचक था। भारतीय टीम अपने घरेलू मैदान पर जबरदस्त फॉर्म में थी, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने अपने चैंपियन होने का दबाव महसूस किया। स्टेडियम में भारतीय प्रशंसकों की गर्जना से पूरा माहौल गूंज रहा था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इस दबाव को अपने पक्ष में इस्तेमाल किया।
भारत की पारी: एक सपना शुरुआत और ऐतिहासिक स्कोर
ओपनिंग जोड़ी ने रचा इतिहास
मैच की शुरुआत में जब ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि भारत की ओपनिंग जोड़ी इतिहास रच देगी। प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने मैदान में उतरते ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।
पहले दस ओवरों में ही दोनों बल्लेबाजों ने 70 से ज्यादा रन बना लिए। प्रतिका रावल का बल्ला जादुई अंदाज में चल रहा था, जबकि स्मृति मंधाना ने अपने शास्त्रीय शॉट्स से सबका दिल जीत लिया। दर्शक दीर्घा में बैठे एक बुजुर्ग प्रशंसक रामनाथ सिंह बताते हैं, “मैं पिछले 40 साल से क्रिकेट मैच देख रहा हूं, लेकिन आज जो कुछ देखा, वह अद्भुत था। दोनों बल्लेबाजों ने जिस तरह से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी को चुनौती दी, वह काबिले तारीफ है।”
मध्यक्रम का शानदार प्रदर्शन
155 रनों की ओपनिंग साझेदारी के बाद जब दोनों बल्लेबाज आउट हुए, तो मध्यक्रम ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिगेज ने तेज रन बनाने का सिलसिला जारी रखा। हरलीन देओल के आक्रामक बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को चिंता में डाल दिया।
अंतिम ओवरों में अमनजोत कौर और रिचा घोष ने कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़े, जिससे भारत का स्कोर 330 रनों तक पहुंचा। यह स्कोर देखकर स्टेडियम में मौजूद सभी भारतीय प्रशंसकों के चेहरे खुशी से चमक उठे। उन्हें लग रहा था कि यह स्कोर जीत के लिए काफी है।
ऑस्ट्रेलिया की जवाबी पारी: हीली का जलवा
शुरुआत में ही तूफान
जब ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी शुरू की, तो एलिसा हीली ने पहले ही ओवर में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार चौके लगाए और स्कोरिंग रेट को उच्च बनाए रखा। फीबी लिचफील्ड ने भी उनका अच्छा साथ दिया और दोनों ने मिलकर तेज शुरुआत की।
स्टेडियम में मौजूद क्रिकेट विशेषज्ञ रवि शास्त्री ने कमेंट्री बॉक्स से कहा, “आज हीली जिस तरह से बल्लेबाजी कर रही हैं, वह देखने लायक है। उन्होंने न केवल भारतीय गेंदबाजी पर हमला किया है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन पर हावी हैं।”
हीली का शतक और रिकॉर्ड तोड़ पारी
एलिसा हीली ने महज 70 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी में 21 चौके और 3 छक्के शामिल थे। जब वह 142 रन बनाकर आउट हुईं, तो पूरा स्टेडियम खड़ा होकर उनकी इस ऐतिहासिक पारी को सलाम कर रहा था।
मैच के बाद हीली ने बताया, “मैंने सोचा भी नहीं था कि मैं इतनी अच्छी पारी खेल पाऊंगी। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन मैंने अपने गेम प्लान पर टिकी रही।”
मैच का निर्णायक मोड़
अंतिम ओवरों का रोमांच
जब मैच के अंतिम ओवर चल रहे थे, तब तक स्थिति बेहद रोमांचक हो चुकी थी। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 12 रनों की जरूरत थी और 12 गेंदें शेष थीं। एल्लीसी पेरी और अश गार्डनर ने अंतिम समय में शांत दिमाग से खेलते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई।
अंतिम ओवर में जब पेरी ने जीत दिलाने वाला रन बनाया, तो ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं दूसरी ओर, भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर निराशा साफ देखी जा सकती थी।
महत्वपूर्ण आंकड़े और रिकॉर्ड
टीम आंकड़े
| पैरामीटर | भारत | ऑस्ट्रेलिया |
| कुल रन | 330/10 | 331/7 |
| ओवर | 48.5 | 49.0 |
| चौके | 32 | 35 |
| छक्के | 8 | 6 |
| स्ट्राइक रेट | 6.76 | 6.75 |
व्यक्तिगत रिकॉर्ड
| खिलाड़ी | रन | गेंदें | चौके/छक्के |
| एलिसा हीली | 142 | 107 | 21/3 |
| प्रतिका रावल | 78 | 65 | 9/2 |
| स्मृति मंधाना | 72 | 58 | 8/1 |
| एल्लीसी पेरी | 47* | 38 | 5/1 |
गेंदबाजी आंकड़े
| गेंदबाज | ओवर | रन | विकेट |
| अनबल साथरलैंड | 9 | 55 | 3 |
| सोफी मोलिन्यू | 10 | 62 | 2 |
| दीप्ति शर्मा | 9 | 68 | 2 |
विशेषज्ञों की राय

तकनीकी विश्लेषण
क्रिकेट विश्लेषक सनी गावस्कर ने बताया, “इस मैच की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि दोनों टीमों ने आक्रामक क्रिकेट खेला। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 330 रन बनाए, जो कि एक बेहतरीन प्रदर्शन था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उससे भी बेहतर प्रदर्शन किया।”
निष्कर्ष
12 अक्टूबर 2025 का दिन महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह मुकाबला न केवल रिकॉर्ड्स के लिए याद किया जाएगा, बल्कि इसने महिला क्रिकेट के नए मानदंड स्थापित किए हैं। एलिसा हीली की ऐतिहासिक पारी और ऑस्ट्रेलिया की टीम की जीत ने साबित कर दिया कि महिला क्रिकेट अब पुरुष क्रिकेट से किसी मायने में कम नहीं है।
यह मैच न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव था, बल्कि इसने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि महिला क्रिकेट अब नए युग में प्रवेश कर चुका है। आने वाले वर्षों में जब भी महिला क्रिकेट के इतिहास की बात होगी, इस मैच का जिक्र जरूर किया जाएगा।
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