केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देश के प्रसिद्ध सिविल सर्विसेज कोचिंग संस्थान Drishti IAS पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है। संस्था पर आरोप है कि उसने UPSC परीक्षा 2022 में अपने “216+ selections” के दावे के साथ भ्रामक विज्ञापन चलाया था। जांच में पता चला कि जिन अभ्यर्थियों की तस्वीरें और नाम विज्ञापन में दिखाए गए थे, उनमें से अधिकांश ने केवल इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (IGP) में भाग लिया था, जबकि वास्तविक पेड कोर्स के छात्र बहुत कम थे।
CCPA ने इसे उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला विज्ञापन माना और संस्थान पर सख्त कार्रवाई की। यह कार्रवाई शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य हाइलाइट्स (Highlights):
- Drishti IAS पर UPSC 2022 परिणामों के भ्रामक विज्ञापन के लिए ₹5 लाख का जुर्माना।
- पहले भी इसी संस्था पर ₹3 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है।
- CCPA ने अब तक 54 नोटिस और 26 कोचिंग संस्थानों पर ₹90.6 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया।
- Vision IAS, StudyIQ, Vajirao & Reddy जैसे बड़े संस्थान भी जुर्माने की सूची में।
- छात्रों से अपील – किसी भी कोचिंग के “Selection Claims” की सच्चाई जानें।
विस्तृत रिपोर्ट
📌 CCPA की बड़ी कार्रवाई — Drishti IAS पर दूसरी बार जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान Drishti IAS (VDK Eduventures Pvt. Ltd.) पर ₹5,00,000 का जुर्माना लगाया है।
आरोप है कि संस्थान ने अपने विज्ञापन में UPSC CSE 2022 के परिणामों से जुड़े “216+ selections” के दावे किए थे, लेकिन विज्ञापन में यह नहीं बताया गया कि इनमें से अधिकतर उम्मीदवार केवल मुफ़्त Interview Guidance Programme (IGP) में शामिल थे।
CCPA के अनुसार, केवल 54 उम्मीदवारों ने Drishti IAS का भुगतान योग्य कोर्स जॉइन किया था, जबकि 162 उम्मीदवारों ने केवल IGP लिया था। यह जानकारी विज्ञापन में न देना उपभोक्ताओं को गुमराह करना माना गया।
इसी कारण Drishti IAS पर भ्रामक विज्ञापन (misleading advertisement) के लिए ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया।
यह Drishti IAS पर दूसरी बार कार्रवाई है। इससे पहले सितंबर 2024 में भी इसी तरह के विज्ञापन विवाद में संस्था पर ₹3 लाख का जुर्माना लगाया गया था।
CCPA का कहना – पारदर्शिता जरूरी
CCPA के आदेश में कहा गया है कि जब कोई कोचिंग संस्था अपने विज्ञापनों में सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें और नाम इस्तेमाल करती है, तो छात्रों और अभिभावकों को यह स्पष्ट बताया जाना चाहिए कि उन उम्मीदवारों ने कौन सा प्रोग्राम जॉइन किया था — पूर्ण कोर्स, ऑनलाइन क्लास या केवल इंटरव्यू गाइडेंस।
ऐसा न करना “भ्रामक विज्ञापन” की श्रेणी में आता है।
CCPA ने Drishti IAS को निर्देश दिया है कि वह भविष्य में ऐसे किसी भी भ्रामक विज्ञापन को तुरंत बंद करे और अपने सभी प्रचार अभियानों में पारदर्शिता बनाए रखे।
विकास दिव्यकीर्ति विवादों में घिरे, Drishti IAS पर जुर्माने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रेंड में
विकास दिव्यकीर्ति, जो Drishti IAS के संस्थापक और प्रमुख शिक्षकों में से एक हैं, इस समय सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं क्योंकि उनकी कोचिंग संस्था पर CCPA द्वारा ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई संस्था के भ्रामक विज्ञापनों के कारण की गई, जिसमें उन्होंने यूपीएससी के सफल उम्मीदवारों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की थी। विकास दिव्यकीर्ति, जो अपने अनोखे लेक्चर स्टाइल और भावनात्मक भाषणों के लिए लोकप्रिय हैं, अब इस विवाद के चलते लोगों की आलोचना और समर्थन दोनों का केंद्र बन गए हैं। कई लोग उन्हें ‘स्टूडेंट्स के आइकन’ के रूप में बचाव कर रहे हैं, तो वहीं कुछ यूजर्स पारदर्शिता की मांग करते हुए उनकी कोचिंग प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
अब तक किन कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई हुई है
CCPA ने 2023 से 2025 के बीच कुल 54 कोचिंग संस्थानों को नोटिस भेजे हैं और 26 संस्थाओं पर कुल ₹90.6 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है।
नीचे प्रमुख संस्थानों की सूची दी गई है जिन पर कार्रवाई हुई है:
| संस्थान का नाम | जुर्माना राशि | कारण |
|---|---|---|
| Drishti IAS (VDK Eduventures Pvt. Ltd.) | ₹5 लाख | भ्रामक विज्ञापन (UPSC 2022) |
| Vajirao & Reddy Institute | ₹7 लाख | गलत चयन संख्या का दावा |
| StudyIQ IAS | ₹7 लाख | भ्रामक प्रचार अभियान |
| Edge IAS | ₹1 लाख | गलत आंकड़ों के साथ विज्ञापन |
| Vision IAS | ₹3 लाख | फर्जी चयन संख्या |
| Shankar IAS Academy | ₹5 लाख | चयन संख्या छिपाना |
| Shubhra Ranjan IAS Study Centre | ₹2 लाख | भ्रामक दावे और गैर-प्रकटीकरण |
इन कार्रवाइयों के बाद CCPA ने सभी संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने सभी विज्ञापनों में स्पष्ट रूप से बताएँ कि सफल छात्रों ने किस प्रकार का कोर्स जॉइन किया था।
क्यों ज़रूरी है यह कार्रवाई?
CCPA की यह कार्रवाई शिक्षा उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम है।
UPSC, SSC या State PCS जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र अपने भविष्य को इन कोचिंग संस्थानों पर भरोसा कर देते हैं।
इसलिए यह आवश्यक है कि उन्हें सटीक और सच्ची जानकारी मिले।
यह जुर्माना केवल Drishti IAS के लिए नहीं, बल्कि पूरे कोचिंग सेक्टर के लिए एक कड़ा संदेश है कि अब भ्रामक दावों से बचना होगा और पारदर्शिता बनाए रखनी होगी।
छात्रों के लिए सलाह
आज के समय में कोचिंग संस्थान अपने चयन परिणामों को मार्केटिंग टूल के रूप में पेश करते हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
- किसी भी “X Selections” दावे की सच्चाई जानें। पूछें कि कितने छात्रों ने पेड कोर्स किया और कितनों ने फ्री प्रोग्राम जॉइन किया।
- लिखित रूप में जानकारी लें। फीस, कोर्स डिटेल्स और रिफंड पॉलिसी को वर्बल भरोसे पर न छोड़ें।
- विज्ञापन देखकर निर्णय न लें। किसी भी संस्थान के बारे में स्वतंत्र समीक्षा, स्टूडेंट फीडबैक और सरकारी रिपोर्ट्स ज़रूर देखें।
- अगर गुमराह किया गया हो तो शिकायत करें। CCPA की वेबसाइट पर उपभोक्ता शिकायत दर्ज की जा सकती है।
निष्कर्ष
Drishti IAS पर लगाया गया ₹5 लाख का जुर्माना एक प्रतीकात्मक लेकिन अहम कदम है।
CCPA ने यह साफ कर दिया है कि अब शिक्षा क्षेत्र में झूठे प्रचार और भ्रमित करने वाले विज्ञापन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
यह कदम छात्रों के हितों की रक्षा करता है और आने वाले समय में कोचिंग
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