नैनीताल (उत्तराखंड) के रामनगर थाना क्षेत्र में फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों रुपये की जमीन बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की प्रकृति व दर्ज धाराओं के अनुसार जांच जारी है।
घटना का संक्षेप
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने विदेशी निवासी (रिपोर्ट के अनुसार—बलवीर सिंह) के नाम की जमीन को 2023 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बदलवाकर रजिस्ट्री करवा दी और बाद में उसे करोड़ों राशि में बेच दिया जाने का खुलासा हुआ। आरोप है कि फर्जी जाति प्रमाण, स्थायी प्रमाण तथा अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर नामांतरण और रजिस्ट्री कराया गया।
आरोपित कौन-कौन हैं
रिपोर्ट में जिन नामों का उल्लेख है उन लोगों में प्रमुख नाम — राजेश पाल, चन्दन (चन्द्रशेखर) और बलवीर (रिपोर्ट में बताये गये प्रतिनिधि नाम) शामिल हैं। कहा जा रहा है कि तीनों ने मिलकर दस्तावेजों में हेराफेरी करवा कर जमीन को दूसरों के नाम कर दिया और बिक्री कर दी।
कब और कैसे पकड़ा गया मामला
शिकायत मिलने के बाद रामनगर पुलिस ने जांच शुरू की और पाया गया कि दस्तावेजों में असामान्य परिवर्तन और संदिग्ध रजिस्ट्री की प्रक्रिया हुई थी। पुलिस ने जांच के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। रिपोर्ट के मुताबिक मामला 2023 से जुड़ा हुआ है और अब उसकी वैधानिक प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस ने किस धाराओं में केस दर्ज किया
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है — (रिपोर्ट के अनुसार) धारा 336(3), 338, 340(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी। (नोट: अदालत/पुलिस दावों और धाराओं को आगे की कानूनी प्रक्रिया में परखना होगा।) Amar Ujala
राजनीतिक पक्ष की प्रतिक्रिया
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार जिस व्यक्ति का नाम भाजपा युवा मोर्चा से जुड़ा हुआ आया है, उसे पार्टी द्वारा पद से हटा दिया गया है — पार्टी ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही उस व्यक्ति को निलंबित/हटा दिया गया था। पार्टी ने कहा कि जांच में दोष सिद्ध होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। Amar Ujala
पीड़ित व स्थानीय असर
ऐसा आरोप है कि जमीन मालिक/विदेश निवासी की जमीन पर फर्जीवाड़ा कर के स्थानीय लोगों/दूसरे दलालों ने कब्जे और रजिस्ट्री करवा ली। ऐसे मामलों में जमीन के वास्तविक मालिकों को कानूनी जद्दोजहद, आर्थिक हानि और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर इस घटना ने संपत्ति-लेन-देन में शंका और सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है। (सामान्य संदर्भ और स्थानीय रिपोर्टिंग के आधार पर)
आगे की कार्यवाही — क्या उम्मीद कर सकते हैं
- वास्तविक मालिक के पक्ष में जो भी वैधानिक राहत उपलब्ध हों (जैसे रजिस्ट्री रद्दीकरण, मुआवजा, संपत्ति की वापसी), वे कोर्ट में पेश की जा सकती हैं।
- पुलिस की प्रारम्भिक जांच के बाद अगर पर्याप्त प्रमाण मिले तो मामले को विशेष जांच या आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा जा सकता है।
- अदालत में मामला दर्ज होने के बाद दस्तावेजों की सत्यता, रजिस्ट्री के रिकॉर्ड, राजस्व कार्यालय के अभिलेख और गवाहियों की पड़ताल होगी।
- वास्तविक मालिक के पक्ष में जो भी वैधानिक राहत उपलब्ध हों (जैसे रजिस्ट्री रद्दीकरण, मुआवजा, संपत्ति की वापसी), वे कोर्ट में पेश की जा सकती हैं।
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