लोकप्रिय कोर्टरूम फ्रैंचाइज़ी की नई कड़ी जॉली LLB 3 सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है और पहले दो दिनों का व्यापार व दर्शक रिस्पांस फिल्म की पारिवारिक-मनोरंजक पहचान को फिर से पुष्ट करता है। सबहश कपूर निर्देशित यह फिल्म सामाजिक मुद्दों और न्याय की लड़ाई को अपने दर्शनीय-फॉर्मूले में पिरोती है।
फिल्म की कहानी एक किसान-केंद्रित केस के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसमें छोटे आदमी और बड़े हितों के बीच कानून की लड़ाई दिखाई जाती है। कथानक सीधे-सीधे सामाजिक अन्याय, ज़मीन हड़पने और भ्रष्टाचार पर चोट करता है, और इसके साथ ही कुछ हल्के-फुल्के हास्य और भावनात्मक पल भी फिल्म में समाहित हैं।
कास्ट और प्रदर्शन
अक्षय कुमार और अरशद वारसी ने अपनी बनती हुई केमिस्ट्री से कई दृश्यों में दर्शकों का ध्यान खींचा। दोनों की बॉन्डिंग और कोर्टरूम के दौरान की हुई तकरार फिल्म के मनोरंजन-तत्व को बनाए रखने में कारगर बनी। फिर भी, समीक्षकों और दर्शकों के बीच सबसे ज़्यादा तारीफ़ सौरभ शुक्ला की परफॉर्मेंस को मिली — उन्होंने अपनी गंभीर और संजीदा मौजूदगी से कई सीनों को भारी कर दिया। सीमा बिस्वास और गजराज राव जैसे अनुभवी कलाकारों ने अर्थपूर्ण सहायक भूमिकाएँ निभाकर फिल्म को मजबूती दी।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
निर्देशक ने फिल्म को स्पष्ट, सीधी और दर्शक-सुलभ बनाकर रखा है। निर्देशन का झुकाव भावनात्मक नारेटिव और संदेश तक पहुँचाने की ओर अधिक दिखता है, जबकि प्रयोगात्मक या कर्कश सैटायर की जगह फिल्म ने पारंपरिक नाटकीय तरीके अपनाए हैं। कोर्टरूम के सीक्वेंस में संस्पेंस बनाए रखा गया है और एडिटिंग फिल्म की गति को संतुलित रखती है। सिनेमैटोग्राफी तथा बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के मूड को सपोर्ट करते हैं, पर किसी बड़े टेक्निकल नवाचार का अनुभव खास तौर पर नहीं होता।
बॉक्स-ऑफिस और दर्शक प्रतिक्रिया
रिलीज़ के शुरुआती दिनों में फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और वर्ड-ऑफ़-माउथ ने इसकी कमाई में सहारा दिया। ट्रेड रिपोर्ट्स के आधार पर फिल्म ने पहले दो दिनों में अनुमानित तौर पर मजबूत ओपनिंग दर्ज की, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वीकेंड पर औसत से बेहतर कलेक्शन की संभावना है। दर्शक-श्रेणी के हिसाब से पारिवारिक और फ्रैंचाइज़ी-लविंग ऑडियंस ने फिल्म को मुख्य रूप से पसंद किया है।
कमजोरियाँ और ताकत
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका कलाकारों का ансамбल और विशेषकर सौरभ शुक्ला की प्रभावी उपस्थिति है। अक्षय-अरशद की जोड़ी पुराने फैन-फेवरेट पलों को दोहराती है और कई बार खुश कर देती है। दूसरी ओर, जहाँ फ्रैंचाइज़ी की पहचान रही है — तीखी सत्तire और काटुहास्य — वहां यह कड़वी धार कुछ नरम पड़ती दिखती है; फिल्म ज़्यादा भावनात्मक और पॉपुलिस्ट मोड़ अपनाती है, जो कुछ क्रिटिक्स को संतुष्ट नहीं कर सकती।
निष्कर्ष
जॉली LLB 3 एक परफॉर्मेंस-ड्रिवन, दर्शक-आकर्षक कोर्टरूम ड्रामा है जो फ्रैंचाइज़ी के फैंस को सामान्य रूप से खुश करेगा। यदि आप तेज़-तर्रार सैटायर की तलाश में हैं तो यह फिल्म कुछ जगहों पर औपचारिक और मुलायम लग सकती है, परअगर आपका उद्देश्य पारिवारिक मनोरंजन और सामाजिक संदेश दोनों पाना है तो यह काम कर जाती है।
समग्र रेटिंग (संक्षेप में): 3.5/5 — परफॉर्मेंस और भावनात्मक कनेक्ट के चलते देखने लायक।








